What is NGO in Hindi / NGO Full Form in Hindi

NGO Kya Hai, NGO Full Form in Hindi, What is NGO in Hindi – दोस्तों आज हम जानेंगे एनजीओ के बारे में यदि आप एनजीओ के बारे पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते है , तो बिलकुल सही पोस्ट पढ़ रहे है . आज हम आपको एनजीओ के बारे में पूरी जानकारी देंगे .

NGO Full Form

NGO एक गैर सरकारी संगठन है , जिसमे सरकार की कोई भी भूमिका नही होती है . एनजीओ किसी मिशन के तहत चलाए जाते हैं , जिनके पास ज्यादा पैसा होता है , वे लोग NGO के माध्यम से समाज की मदत करते है .

आज हम जानेंगे एनजीओ के बारे में पूरी जानकारी एनजीओ क्या है , एनजीओ कैसे काम करता है , एनजीओ कैसे शुरू करे , एनजीओ का पूरा नाम क्या होता है , एनजीओ से जुड़ी और सभी जरुरी जानकारी को हम जानेंगे .

What is NGO in Hindi / एनजीओ क्या है

NGO एक ऐसा संगठन है , जिसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक कल्याण होता हैं . यह एक प्राइवेट Organization है . एनजीओ को सामाजिक कार्य हेतु बनाया जाता है एनजीओ को सरल भाषा मे गैर सरकारी संगठन कहा जाता है . इसे कुछ व्यक्तियों के समूह के द्वारा संचालित किया जाता हैं . NGO की शुरुवात अमेरिका में किया गया था . अमेरिका में Government के अतिरिक्त कई सामाजिक कार्य इन संगठनों के द्वारा किये जाते है .

NGO एक ऐसा संगठन होता है जिसे कोई भी शुरू कर सकता है . NGO को बिना Business Profit Propose के लिए बनाया जाता है . यदि किसी व्यक्तियों का समूह सामाजिक कार्य या सामाजिक सुधार का काम करना चाहता है तो वह समूह संस्था शुरू कर सकता है .

NGO को Register करते और बिना Register किये भी शुरू कर सकते है , यदि NGO को Register करके शुरू करते है , तो सरकार से सामाजिक कल्याण के लिए आर्थिक सहायता देती है . भारत मे आज लगभग 2 मिलियन एनजीओ संगठन होने के अनुमान है , और यूनाइटेड स्टेट मे लगभग 1.5 मिलियन एनजीओ संगठन है साथ ही आज एनजीओ की संख्या बढ़ती जा रही है . भारत के सभी NGO केन्द्रीय सोसाइटीज एक्ट के अंतर्गत आते है और राजस्थान में राजस्थान सोसाइटीज एक्ट बनाया गया है .

NGO Full Form in Hindi

एनजीओ का हिन्दी में पूरा नाम

गैर सरकारी संगठन

NGO Full Form

एनजीओ का फुल फॉर्म

Non Governmental Organization

NGO कैसे शुरू करे

किसी भी प्रकार के NGO को शुरू करने के पहले आपको उसके नियमो के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिये , जो प्रत्येक राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है .

NGO को किसी एक व्यक्ति के द्वारा नहीं शुरू किया जा सकता है . NGO के गठन के लिए कम से कम 7 सदस्य होने चाहिए, और आपको पहले ये समझ लेना होगा संगठन की कार्यकारी समिति कैसे बनेगी और काम कैसे करेगी आपको इसके लक्ष्य, उद्देश्य को तय करने के अलावा इसके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, सलाहकार सदस्य आदि तय करने होते है . संस्था के लिए धन को कैसे एकत्रित किया जाएगा साथ धन प्राप्ति को खर्च कैसे किया जाएगा इत्यादि के नियम तैयार करने होते है .

NGO Ka Registration Kaise Kare

किसी भी NGO का गठन करने से पहले आपको आपको ये पता होना चाहिये की आपके NGO का काम किस प्रकार का होगा , उसी के अनुसार उसका रजिस्ट्रेशन होगा .
यह भी जानेबैंक मैनेजर कैसे बने , बैंक मैनेजर बनने की तैयारी कैसे करे .
भारत में NGO को तीन प्रकार से Register करवाया जा सकता हैं . तीनों का अपना अलग-अलग महत्व हैं और इसे अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रयोग में लाया जाता हैं .

  1. सोसाइटी (Society)
  2. ट्रस्ट (Trust)
  3. कंपनी (Company under section25)

सोसाइटी (Society)

सोसाइटी के एक्ट के रूप में NGO का रजिस्ट्रेशन कराने के लिये Memorandum Of Association And Rules And Regulation Document की आवश्यकता होती है . इसका रजिस्ट्रेशन सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अंतर्गत किया जाता है .

सोसाइटी एक्ट के अंतर्गत आप दो प्रकार से रजिस्ट्रेशन करवा सकते है .पहला राज्य स्तर पर जिसमे आपकी संस्था सिर्फ राज्य में काम कर सकती है . दूसरी केंद्र स्तर पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते है , जिससे आपकी संस्था पूरे देश में काम कर सकती है .

राज्य स्तर एनजीओ –  को रजिस्टर करने के लिए आपको 7 लोगो की आवश्यकता पड़ती है , जिसमे प्रत्येक सदस्य अलग-अलग घरों से होने चाहिये .

केंद्र स्तर  एनजीओ को रजिस्टर करवाने के लिए आपको 8 लोगो की आवश्यकता पड़ती है , जिसमे सभी व्यक्ति अलग-अलग राज्यों से होने चाहिए .

ट्रस्ट (Trust)

ट्रस्ट एक्ट के अंन्तर्गत NGO का रजिस्ट्रेशन करने के लिये Deed नामक Document की आवश्यकता होती है . इसमें कम से कम दो सदस्य अनिवार्य हैं . भारत के सभी राज्यों में अलग-अलग Trust अधिनियम होते है . जिस राज्य में कोई Trust अधिनियम नही है तो उस राज्य में 1882 Trust Act लागू होता है . ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए इसमें संपत्ति का सामिल होना अनिवार्य हैं जैसे कि जमीन या बिल्डिंग . Trust के अंतर्गत NGO का Registration करने के लिए आपको Charity Commissioner या Registrar के Office में आवेदन देना होगा .

कंपनी (Company under section–25)

Companies Act के अंतर्गत NGO का Registration कराने के लिए कम से कम दो लोग (डायरेक्टर /निदेशक) की जरूरत होती हैं . Companies Act के अंतर्गत Memorandum And Articles Of Association And Regulation Document की आवश्यकता पड़ती है . कंपनी एक्ट के अंतर्गत संस्था, संपूर्ण भारत में कही पर भी कार्य कर सकती हैं बशर्ते केंद्र सरकार द्वारा उसे वैध घोषित होना चाहिये .

NGO Donation

एनजीओरजिस्ट्रेशन के बाद यदि आपके NGO के पास 80G Certificate है तो जब आपको कोई वित्तीय अनुदान देता हैं तो उसे टैक्स में छूट मिलती हैं .

यदि आपके पास FCRA Certificate है तो आप विदेशी वित्तीय अनुदान होना प्राप्त कर सकते है , और देने वाले को टैक्स में छूट मिल जाता हैं .

NGO Ke Kaam In Hindi

दुनिया भर में NGO कई प्रकार के मानव कल्याण और समाज कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते है जैसे – School में बच्चो को अच्छा भोजन दिलवाना और गरीब अनाथ बच्चो को शिक्षा देना, बच्चो को Books Provide, और भी बहुत सारे काम करती है . ये संगठन निरंतर विकास की दिशा में काम करते है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते है .

Conclusion

दोस्तों आज हमने जाना What is NGO in Hindi , NGO Full Form in Hindi क्या है और NGO से जुड़ी सभी जरुरी जानकारी को हमने जाना . उम्मीद करते है आपको इससे जुड़ी सभी जानकारी मिल गयी होगी , यदि आपका इससे सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो हमे Comment करके जरुर बतायें .

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