CSS Full Form In Computer / CSS kya hai

CSS kya hai, CSS Full Form In Computer – दोस्तों आज हम जानेंगे CSS के बारे में CSS क्या है , CSS का पूरा नाम क्या है , CSS का इतिहास क्या है , CSS का use क्या है , CSS कैसे सीखें , CSS कितने प्रकार का होता है , CSS और HTML में क्या अंतर है , CSS के फोड़े क्या है CSS से सम्बंधित और भी जरुरी जानकारी को हम जानेंगे .

CSS Full Form In Computer

यदि आपने HTML सीख लिया है और website का एक basic structure बना लेते है , तो आपके लिए CSS सीखना काफी अच्छा रहेगा . यदि आप एक IT के छात्र है या coding की जानकारी आपको अच्छी है और theme, apps, website, games ऐसी चीज़ें आप खुद बनाना चाहते है तो आपको CSS सीखना चाहिये .

CSS Full form In Computer

CSS के फुल फॉर्म जानते है

CSS Full Form In English

Cascading Style Sheet

CSS Full Form In Hindi

CSS / सीएसएस का पूरा नाम हिन्दी में

कैस्केडिंग स्टाइल शीट

CSS kya hai ( What is CSS )

HTML द्वारा एक Web Document का structure तैयार किया जाता है . उस structure को जिस technology से formatting किया जाता है उसे CSS कहा जाता है . CSS एक simple design language है . जिसको web pages को प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को और आसन बनाने के लिए develop किया गया है . CSS का use करके आप web pages के colour, font का style, paragraph के बीच दूरी आदि को नियंत्रित कर सकते है.

CSS का इतिहास ( History of CSS )

CSS के आविष्कारक Hakon Wium Lie हैं . इन्होने ही सबसे पहले 1994 में CSS Rules को develop किया था , जिसे W3C – World Wide Web Consortium के द्वारा CSS का सबसे पहला version 1996 में publish किया गया था . CSS 4 इसका सबसे नया version है . CSS का use Web Pages को और अच्छा design करने के लिए किया जाता है . CSS एक Website के look and feel को परिभाषित करती है . CSS का use HTML के साथ किया जाता है .

CSS ke Prakar

CSS का use 3 प्रकार से होता है

  • Inline CSS
  • Internal CSS
  • External CSS

Inline CSS

इस विधि मे आप CSS को HTML Tag मे ही Define कर देते है . ऐसा आप Style Attribute के द्वारा कर सकते है . Inline CSS का use आप किसी particular html element को configure करने के लिए कर सकते है . Inline CSS के द्वारा आपको ये स्वतंत्रता मिलती है की आप किसी भी एक element को change कर सकते है . Inline CSS की या विशेषता है , कि जब हम किसी एक element को change करते है , तो इससे बाकी दूसरे elements में कोई फर्क नहीं पड़ता है .

Internal CSS

Internal CSS को Use HTML Tag मे Define करने की बजाए HTML File के <head> Tag मे <style> Tag की सहायता से Define किया जाता है . Internal CSS का use , pages के top (head section) में किया जाता है . Internal CSS को <style> element के अन्दर रखा जाता है .इस तरह की CSS का नियम पेज के सभी element पर apply होता है . जब आप CSS का use करते है , तो साथ मे इसमे type attribute का भी use किया जाता है . ये type attribute specify करता है कि document में किस प्रकार की style को शामिल किया जाये .

External CSS

External CSS में CSS File और HTML File दोनों अलग अलग होती है . HTML File मे आप CSS File को <link> Attribute के द्वारा Add किया जा सकता है . इसमें हम एक अलग से file में CSS का coding करके उसको CSS extension के साथ save कर देते है , उसके बाद जब भी <link> element के द्वारा CSS file को html file से जोड़ा जाता है , तो पूरी html file पर इस CSS का effect पड़ता है . ऐसा तब किया जाता है जब किसी website की design को एक साथ बदलना होता है .

CSS का उपयोग क्या है ( Use of CSS )

CSS के द्वारा आप Animation और Transition का use कर सकते है . जिससे अपने web पेज को और अच्छा बना सकते है . CSS का use करके page layout, text colour, font and text style की formatting किया जा सकता है . CSS विभिन्न प्रकार के device जैसे – बड़ी स्क्रीन , छोटी स्क्रीन , printer आदि को अनुकूल करने का परमिशन देता है . CSS के द्वारा content के look व feel को control कर सकते है .

CSS के फायदे क्या है ( Advantage of CSS )

CSS का use करने से सबसे बडा फायदा ये होता है की , आपको एक काम को बार-बार नहीं करना पड़ता है .

  • Save Time – CSS का एक rule लिखने के बाद use कई बार apply किया जा सकता है . आप एक Stylesheet को Multiple Webpages पर Apply कर सकते हैं . प्रत्येक नये HTML Document केलिये CSS Rule लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है .
  • Increase Page Speed –  एक HTML Document में बहोत सारे elements होते हैं , जिसके लिए हमें अलग-अलग Style Rules Set करना पड़ता है , और कभी – कभी इसकी संख्या बहोत ज्यादा हो जाती है . जिसकी वजह से पेज का साइज़ काफी ज्यादा हो जाता है . लेकिन CSS के द्वारा सिर्फ एक Stylesheet में ही सभी Elements के लिए Style Rules को Set किया जा सकता है . जिससे Extra HTML हट जाती हैं. एक web page में कम codes का मतलब है, कि वह fast load होगा .
  • Easy to Maintenance – CSS के द्वारा किसी document को mainten करना बहोत ही आसान होता है . CSS में सिर्फ एक change से आप उस document के कई pages को तुरंत update कर सकते है .
  • Provide Responsive Design – CSS के द्वारा ही web page को multiple device compatibility बनाया जाता है , जिससे वह web page सभी device computer, phones, print में उसके हिसाब से देखा जा सके .
  • Save Bandwidth -यदि आप page के layout के लिए table की जगह CSS का use करते है तो इससे उस file आकार में 50% तक कमी आयेगी .

CSS kaise Seekhe

CSS सीखने से पहले आपको HTML को सीखना पड़ेगा , HTML के बारे में और अधिक जानकारी के लिये आप HTML क्या है ये पोस्ट पड़ सकते है . यदि आपको HTML की जानकारी है तो आपको

coding की जानकारी रहेगी ही उसके बाद आप CSS को सीख सकते है . CSS सीखने के लिये सबसे इसके basic के बारे में जानकारी प्राप्त करे इसके लिये आपको internet पर अच्छी जानकारी मिल जाएगी आप YouTube का भी use कर सकते है सीखने के लिए . Internet पर  w3school.com, tizag.com जैसी websites में css के complete codes व उनके examples को अच्छे से समझाया गया है  . CSS की बुक लेके पढ़े और अपने आसपास कोई अच्छी कोचिंग भी join कर ले जिससे आपको अच्छी जानकारी हो जाये CSS का .

Conclusion

दोस्तों आज हमने जाना CSS के बारे में CSS kya hai , CSS full form in Computer क्या है , CSS का इतिहास क्या है , CSS का use क्या है , CSS कैसे सीखें , CSS कितने प्रकार का होता है , CSS और HTML में क्या अंतर है , CSS के फोड़े क्या है CSS से सम्बंधित और भी जरुरी जानकारी को हमने जाना .

उम्मीद करते है आपको CSS kya hai , CSS full form in Computer क्या है तथा CSS से जुड़ी हर जानकारी पूरी तरह से समझ में आ गया होगा . यदि आपका इससे सम्बंधित कोई सवाल है तो आप comment box में comment कर सकते है , हम आपके सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे .

दोस्तों आपको CSS kya hai , CSS full form in Computer और CSS से सम्बंधित सभी जानकारी कैसी लगी और यदि आपका कोई सुझाव हो तो हमे comment करके जरुर बतायें और यदि आपको जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ Social Media पर शेयर जरुर करें .

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